उर्दू शायरी · ग़ज़ल

namaz-e-ishq paDhi hai abhi abhi tumne

नमाज़-ए-'इश्क़ पढ़ी है अभी अभी तुम ने

نماز عشق پڑھی ہے ابھی ابھی تم نے

शायर: Nadeem Najid4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

नमाज़-ए-'इश्क़ पढ़ी है अभी अभी तुम ने
ख़ुदा भी देखा है क्या जिस्म में कभी तुम ने

मैं अब के हिज्र में मुमकिन है कुछ सँवर जाऊँ
अगर ख़याल रखा यार-ए-अजनबी तुम ने

यहाँ के लोग तो ख़्वाबों से कटते जाते थे
जगा दिया है मगर ज़ौक़-ए-ज़िंदगी तुम ने

मैं क्या कहूँ मुझे कितना सुकून देती है
वो एक बात जो मुझ से नहीं कही तुम ने