उर्दू शायरी · ग़ज़ल

na-rawa kahiye na-saza kahiye

ना-रवा कहिए ना-सज़ा कहिए

ناروا کہیے ناسزا کہیے

शायर: Dagh Dehlvi7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

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ना-रवा कहिए ना-सज़ा कहिए
कहिए कहिए मुझे बुरा कहिए

फिर न रुकिए जो मुद्दआ' कहिए
एक के बा'द दूसरा कहिए

आप अब मेरा मुँह न खुलवाएँ
ये न कहिए कि मुद्दआ' कहिए

वो भी सुन लेंगे ये कभी न कभी
हाल-ए-दिल सब से जा-ब-जा कहिए

मुझ को कहिए बुरा न ग़ैर के साथ
जो हो कहना जुदा जुदा कहिए

हाथ रख कर वो अपने कानों पर
मुझ से कहते हैं माजरा कहिए

होश जाते रहे रक़ीबों के
'दाग़' को और बा-वफ़ा कहिए