उर्दू शायरी · ग़ज़ल

mu-qalam toD chuka aaKHiri taswir ke baad

मू-क़लम तोड़ चुका आख़िरी तस्वीर के बा'द

مو قلم توڑ چکا آخری تصویر کے بعد

शायर: Umair Najmi8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मू-क़लम तोड़ चुका आख़िरी तस्वीर के बा'द
मुझ से कुछ बनता नहीं था तिरी तस्वीर के बा'द

मुश्तरक दोस्त भी छोड़े हैं तुझे छोड़ने पर
मुझ को दीवार हटाना पड़ी तस्वीर के बा'द

इक मुलाक़ात हुई वो भी बिछड़ने के लिए
कैमरा टूट गया एक ही तस्वीर के बा'द

यार तस्वीर में तन्हा हूँ मगर लोग मिले
कई तस्वीर से पहले कई तस्वीर के बा'द

मैं जो कुछ और था अब और ही कुछ लगता हूँ
या'नी तदवीन बहुत की गई तस्वीर के बा'द

ख़ुश्क दीवार में सीलन का सबब क्या होगा
इक 'अदद ज़ंग लगी कील थी तस्वीर के बा'द

भेज देता हूँ मगर पहले बता दूँ तुझ को
मुझ से मिलता नहीं कोई मिरी तस्वीर के बा'द

दूसरा 'इश्क़ मयस्सर है मगर करता नहीं
कौन देखेगा पुरानी नई तस्वीर के बा'द