उर्दू शायरी · ग़ज़ल

mohabbaton ki jo daulat luTaya karte hain

मोहब्बतों की जो दौलत लुटाया करते हैं

محبتوں کی جو دولت لٹایا کرتے ہیں

शायर: Yaseen Ansari6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मोहब्बतों की जो दौलत लुटाया करते हैं
उन्हें ही लोग दिलों में बसाया करते हैं

घिरे हुए हैं मसाइल में अहल-ए-दिल तो क्या
गुलाब काँटों में भी मुस्कुराया करते हैं

नसीब होती हैं उन को बुलंदियाँ इक दिन
जो उन को पाने के रस्ते बनाया करते हैं

जो हार कर भी नहीं हारें हौसला अपना
वो लोग हार के भी जीत जाया करते हैं

कभी भी भूल के एहसान उन का मत लेना
जो बात बात में एहसाँ जताया करते हैं

सलाम कीजिए 'यासीन' उन की हिम्मत को
ग़मों का बोझ जो हँस कर उठाया करते हैं