उर्दू शायरी · ग़ज़ल

han dikhawe ki mohabbat nahin hone wali

हाँ दिखावे की मोहब्बत नहीं होने वाली

ہاں دکھاوے کی محبت نہیں ہونے والی

शायर: Yaseen Ansari6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हाँ दिखावे की मोहब्बत नहीं होने वाली
यार हम से ये सियासत नहीं होने वाली

अपना किरदार और अख़्लाक़ सँवारो पहले
क़ीमती कपड़ों से 'इज़्ज़त नहीं होने वाली

बेच देते हैं ज़मीर अपना जो शोहरत के लिए
उन को हासिल कभी शोहरत नहीं होने वाली

हम को मा'लूम है दुनिया की हक़ीक़त क्या है
हम को दुनिया से मोहब्बत नहीं होने वाली

झूट को बोलना 'आदत में है इन की शामिल
दूर अब इन की ये 'आदत नहीं होने वाली

जिस ने माँ-बाप पे ढाए हैं सितम ऐ 'यासीन'
उस को हासिल कभी जन्नत नहीं होने वाली