उर्दू शायरी · ग़ज़ल

mohabbat mein baDa chhoTa nahin hai

मोहब्बत में बड़ा छोटा नहीं है

محبت میں بڑا چھوٹا نہیں ہے

शायर: Ujjawal Vashishtha8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मोहब्बत में बड़ा छोटा नहीं है
मगर ऐसा कभी होता नहीं है

अभी कैसे कहें हम बात दिल की
अभी तो नाम भी पूछा नहीं है

न जाने कब बहा ले जाए आँसू
किसी के बस में ये दरिया नहीं है

अभी आसान है मुझ को डुबोना
यक़ीं का पुल अभी टूटा नहीं है

शजर सारे बरहना-जिस्म क्यूँ हैं
अभी मौसम तो पतझड़ का नहीं है

तुम्हारे हाथ भी हैं आज ख़ाली
हमारे पास भी कासा नहीं है

तुम्हारे शहर में मैं अजनबी हूँ
यहाँ मुझ को कोई ख़तरा नहीं है

मैं करता रहता हूँ ख़िदमत अदब की
ये मेरा शौक़ है पेशा नहीं है