उर्दू शायरी · ग़ज़ल

gardan mein tauq panw mein zanjir dekh kar

गर्दन में तौक़ पाँव में ज़ंजीर देख कर

گردن میں طوق پاؤں میں زنجیر دیکھ کر

शायर: Ujjawal Vashishtha5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

गर्दन में तौक़ पाँव में ज़ंजीर देख कर
हैरत हुई है दोस्त की तस्वीर देख कर

कल रात हम ने ख़ूब सितारों की सैर की
कोई बताए ख़्वाब की ता'बीर देख कर

इश्क़-ओ-वफ़ा ख़ुलूस से अंजान हैं वो लोग
रिश्ता निभा रहे हैं जो जागीर देख कर

पल में बदलते वक़्त ने मंज़र बदल दिया
दिल रो रहा था कल मिरा कश्मीर देख कर

तुम हो हमारे हाल-ए-परेशाँ से बे-ख़बर
हम जी रहे हैं आज भी तस्वीर देख कर