उर्दू शायरी · ग़ज़ल

miyan sher kahna jo aasan hota

मियाँ शे'र कहना जो आसान होता

میاں شعر کہنا جو آسان ہوتا

शायर: Faisal Mahmood6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मियाँ शे'र कहना जो आसान होता
तो अब तक हमारा भी दीवान होता

ख़ुदा के करम से है दिल सब्ज़-ओ-शादाब
उदासी न होती तो वीरान होता

मैं कुछ ऐसे हालात से लड़ रहा हूँ
मिरा बाप होता तो हैरान होता

अगर आज करते हिसाब-ए-मोहब्बत
मिरे हाथ तेरा गरेबान होता

भला हो कि हिजरत बड़े काम आई
तिरे साथ होता तो नुक़्सान होता

मुझे ही मोहब्बत थी तुझ से वगरना
मिरी तरह तू भी पशेमान होता