उर्दू शायरी · ग़ज़ल

mera hath pakaD le pagal jangal hai

मेरा हाथ पकड़ ले पागल जंगल है

میرا ہاتھ پکڑ لے پاگل جنگل ہے

शायर: Umair Najmi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मेरा हाथ पकड़ ले पागल जंगल है
जितना भी रौशन हो जंगल जंगल है

मैं हूँ तुम हो बेलें पेड़ परिंदे हैं
कितने 'अर्से बा'द मुकम्मल जंगल है

मुझ में कोई गोशा भी आबाद नहीं
जंगल है सरकार मुसलसल जंगल है

कैसे पार करें हम पैकर मिट्टी के
बादल है जल थल है दलदल जंगल है

मेरी 'उम्र सरासर वहशत है 'नजमी'
लम्हा लम्हा सहरा पल पल जंगल है