उर्दू शायरी · ग़ज़ल

maut achchhi ki zindagi achchhi

मौत अच्छी कि ज़िंदगी अच्छी

موت اچھی کہ زندگی اچھی

शायर: Baloch Mehfooz Khan9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मौत अच्छी कि ज़िंदगी अच्छी
जो ख़ुशी से मिले वही अच्छी

फ़ाएदा हो उसी से मतलब रख
चाँद को छोड़ चाँदनी अच्छी

ग़म उठाने से कुछ नहीं मिलता
ग़म न चाहो सुनो ख़ुशी अच्छी

आँसुओं से लिखा नहीं मिटता
मुस्कुराते रहो हँसी अच्छी

आशियाना न बाँध लेना तुम
इस जहाँ में मुसाफ़िरी अच्छी

सोच ले कुछ न कुछ तो पीना है
अश्क अच्छे कि मय-कशी अच्छी

'इल्म ही जब तबाह कर दे तो
'इल्म अच्छा के जाहिली अच्छी

हार कर ज़िंदगी जिए जाना
ख़ैर इस से तो मौत ही अच्छी

बोल 'महफ़ूज़' इस ग़रीबी में
काम अच्छा कि शा'इरी अच्छी