उर्दू शायरी · ग़ज़ल

matlab pata nahin tha batane chale gae

मतलब पता नहीं था बताने चले गए

مطلب پتا نہیں تھا بتانے چلے گئے

शायर: Om Awasthi7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मतलब पता नहीं था बताने चले गए
हम 'इश्क़ करके 'इश्क़ निभाने चले गए

हम ने नज़र को अपनी टिकाया था चाँद पर
फिर ख़्वाब ले के चाँद को पाने चले गए

उस को अजब से हाल में देखा था एक दिन
मौसम से फिर ये रंग सुहाने चले गए

अब पेड़ ख़ुद की छाँव में बैठा है रात-दिन
सब लोग दूर शहर कमाने चले गए

हम जैसा कोई 'इश्क़ में मजनूँ नहीं बने
लैला को उस के घर पे बुलाने चले गए

हम से तो दुश्मनी भी न हो पाई ठीक से
ठोकर लगी जो तुझ को उठाने चले गए

मजबूरियों ने मुझ को बदल कर के रख दिया
तेवर मिरी ज़बाँ से पुराने चले गए