उर्दू शायरी · ग़ज़ल

main us ka majzub hua

मैं उस का मज्ज़ूब हुआ

میں اس کا مجذوب ہوا

शायर: Umar Farhat4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मैं उस का मज्ज़ूब हुआ
ये होना भी ख़ूब हुआ

इस दिल में जितना ग़म है
सब उस से मंसूब हुआ

तोड़ दिया दुनिया ने उसे
जो मेरा महबूब हुआ

मैं ने अना को ज़ीस्त किया
मैं ख़ुद ही मस्लूब हुआ