उर्दू शायरी · ग़ज़ल

main to hansta raha dil mein basta raha

मैं तो हँसता रहा दिल में बस्ता रहा

میں تو ہنستا رہا دل میں بستا رہا

शायर: Lokesh Tripathi4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मैं तो हँसता रहा दिल में बस्ता रहा
गर मिला ग़म कोई तो भी जचता रहा

यूँ तो हर चाल तेरी समझ मैं गया
पर सियासत से हर दम मैं बचता रहा

आप जो पढ़ चुके मैं वो अख़बार हूँ
रद्दियों में हमेशा मैं बिकता रहा

एक जर्जर क्षतिग्रस्त बूढ़ा बदन
उस नए पुल के ऊपर से दिखता रहा