उर्दू शायरी · ग़ज़ल

main baDhata hun raushni dekhen

मैं बढ़ाता हूँ रौशनी देखें

میں بڑھاتا ہوں روشنی دیکھیں

शायर: Umair Najmi7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मैं बढ़ाता हूँ रौशनी देखें
ग़ौर से घर की तीरगी देखें

वक़्त अब ठीक चल रहा है मिरा
आप ये क़ीमती घड़ी देखें

कितने लोगों की 'अर्ज़ियाँ होंगी
उस की रद्दी की टोकरी देखें

मेरी हैरत पे जिन को हैरत है
उस की तस्वीर लाज़मी देखें

अब लगाते हैं दूर की 'ऐनक
आँखें देखी हैं ख़्वाब भी देखें

मुझ से पत्थर को मुँह चिढ़ाता है
आइने की बहादुरी देखें

मुझ को मत रोकें देखने से उसे
देख सकते हैं आप भी देखें