उर्दू शायरी · ग़ज़ल

main apne aap se behad laDa hun

मैं अपने आप से बेहद लड़ा हूँ

میں اپنے آپ سے بے حد لڑا ہوں

शायर: Umar Farhat5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मैं अपने आप से बेहद लड़ा हूँ
तभी क़द से ज़ियादा मैं बड़ा हूँ

यहाँ रिश्तों से चीज़ें बन रही हैं
दराज़ों में किसी ख़त में पड़ा हूँ

ये दुनिया उल्टी होती जा रही है
कि मैं अब अपने पैरों पर खड़ा हूँ

ये सारे लोग जो मुझ से बड़े हैं
कभी कहते थे मैं उन से बड़ा हूँ

ये ख़ाली-पन जिसे घर कह रहे हो
किसी दीवार पर मैं भी जड़ा हूँ