उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kya kahun ham-nafas udasi hai

क्या कहूँ हम-नफ़स उदासी है

کیا کہوں ہم نفس اداسی ہے

शायर: Maham Haya Safdar6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

क्या कहूँ हम-नफ़स उदासी है
हासिल-ए-'इश्क़ बस उदासी है

मेरे हम-रक़्स सोज़ है मफ़क़ूद
ऐ मिरे हम-क़फ़स उदासी है

नोच डालेगी मेरे सीने को
इस क़दर पुर-हवस उदासी है

या'नी तुम लौट कर न आओगे
या'नी अब सौ बरस उदासी है

अब सियाही है मेरे रंगों में
अब मिरा कैनवस उदासी है

इक मुसाफ़िर कि है मुजस्सम दुख
और सदा-ए-जरस उदासी है