उर्दू शायरी · ग़ज़ल

koi uske barabar ho gaya hai

कोई उस के बराबर हो गया है

کوئی اس کے برابر ہو گیا ہے

शायर: Vikas Sharma Raaz5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

कोई उस के बराबर हो गया है
ये सुनते ही वो पत्थर हो गया है

जुदाई का हमें इम्कान तो था
मगर अब दिन मुक़र्रर हो गया है

सभी हैरत से मुझ को तक रहे हैं
ये क्या तहरीर मुझ पर हो गया है

असर है ये हमारी दस्तकों का
जहाँ दीवार थी दर हो गया है

जिसे देखो ग़ज़ल पहने हुए है
बहुत सस्ता ये ज़ेवर वो गया है