उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kisi ke honT jab Dube sharab-e-arghawani mein

किसी के होंट जब डूबे शराब-ए-अर्ग़वानी में

کسی کے ہونٹ جب ڈوبے شراب ارغوانی میں

शायर: D. Raj Kanwal7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

किसी के होंट जब डूबे शराब-ए-अर्ग़वानी में
हुआ महसूस जैसे आग लपकी सर्द पानी में

बहुत दिलचस्प है लेकिन अभी तक ना-मुकम्मल है
हमारा नाम भी लिख दो मोहब्बत की कहानी में

करम का शुक्रिया लेकिन हमें इतना बता दो क्या
ख़ुलूस-ए-दिल भी शामिल है तुम्हारी मेहरबानी में

न देखो ख़ामुशी मेरी ग़लत-अंदाज़ नज़रों से
हज़ारों दर्द गोया हैं मिरी इक बे-ज़बानी में

कभी दिल चीर कर निकला कभी टपका निगाहों से
लहू में किस बला का जोश था ‘अहद-ए-जवानी में

नहीं कुछ बोलतीं लेकिन इन्हें बे-कार मत समझो
निगाहें काम आती हैं दिलों की तर्जुमानी में

किसी का दिल जले जिस से किसी की आँख भर आए
लगा दो आग बेहतर है 'कँवल' उस शादमानी में