उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kis baat ka hai un ko gila sun to lijiye

किस बात का है उन को गिला सुन तो लीजिए

کس بات کا ہے ان کو گلہ سن تو لیجئے

शायर: Haamid Bhusawali5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

किस बात का है उन को गिला सुन तो लीजिए
क्यों आप से हैं लोग ख़फ़ा सुन तो लीजिए

फिर जो मिज़ाज-ए-यार में आए करें जनाब
कैसे हुई ख़िलाफ़ हवा सुन तो लीजिए

फ़ानूस भी था और हवा भी न थी तो फिर
कैसे मिरा चराग़ बुझा सुन तो लीजिए

हर कोई जानता है कि मुजरिम नहीं हैं हम
फिर क्यों मिली है हम को सज़ा सुन तो लीजिए

रिश्ते में अपने आई नहीं यूँ ही ये खटास
किस ने ये सारा खेल रचा सुन तो लीजिए