उर्दू शायरी · ग़ज़ल

KHwab dikhae jaenge tabir banai jaegi

ख़्वाब दिखाए जाएँगे ता'बीर बनाई जाएगी

خواب دکھائے جائیں گے تعبیر بنائی جائے گی

शायर: Danish Hayat4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ख़्वाब दिखाए जाएँगे ता'बीर बनाई जाएगी
नक़्श समेटे जाएँगे तस्वीर बनाई जाएगी

पहले कूज़ा-गर मूरत मंसूब करेगा राँझे से
फिर उस की टेढ़ी पस्ली से हीर बनाई जाएगी

बचपन ही से ज़ेहनों में इक ख़ौफ़ बिठा कर रक्खेंगे
और हाथों पर पेंसिल से ज़ंजीर बनाई जाएगी

पहले-पहल तो माथे उन के ग़ौर से देखे जाएँगे
आड़ी टेढ़ी शिकनों पर तक़दीर बनाई जाएगी