उर्दू शायरी · ग़ज़ल

KHub-surat ye KHwab achchhe hain

ख़ूबसूरत ये ख़्वाब अच्छे हैं

خوبصورت یہ خواب اچھے ہیں

शायर: Paraveen Rai7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ख़ूबसूरत ये ख़्वाब अच्छे हैं
नींद में आप के ही चर्चे हैं

हम तो जैसे थे ठीक हैं वैसे
और सरकार आप कैसे हैं

क्या हुआ आप को अचानक से
आज इतने जो रूठे रूठे हैं

दिल धड़कता है ये मुसलसल क्यों
क्यूँकि धड़कन में आप रहते हैं

पूछ कर कौन दिल दुखाता है
हादसे कब बता के होते हैं

अब उन्हीं से हमारी बनती है
जो हमारी तरह से टूटे हैं

ख़्वाब हैं 'दाग़' देहलवी वाले
हाल 'सरवत-हुसैन’ जैसे हैं