उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hamari jaan par aai hui hai

हमारी जान पर आई हुई है

ہماری جان پر آئی ہوئی ہے

शायर: Paraveen Rai7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हमारी जान पर आई हुई है
बड़ी ज़ालिम ये तन्हाई हुई है

हमारे ख़्वाब पगलाए हुए हैं
हमारी नींद बौराई हुई है

ख़ुशी के रंग फीके पड़ चुके हैं
उदासी इस क़दर छाई हुई है

कि हम दुनिया से उकताए हुए हैं
कि दुनिया हम से उकताई हुई है

अज़ल के रोज़ से इक दिलरुबा ने
बदन में आग दहकाई हुई है

किसी को भूलने की कोशिशों में
किसी की याद टकराई हुई है

मोहब्बत के नशे में है ये लड़का
वो लड़की है कि घबराई हुई है