उर्दू शायरी · ग़ज़ल

is tarah mohabbat ne kuchh hamein sanwara hai

इस तरह मोहब्बत ने कुछ हमें सँवारा है

اس طرح محبت نے کچھ ہمیں سنوارا ہے

शायर: Paraveen Rai6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इस तरह मोहब्बत ने कुछ हमें सँवारा है
दर्द में भी शिद्दत है ज़ख़्म भी करारा है

अब तो जान-ए-जानाँ की धुंदली धुंदली यादें हैं
और उस की यादों का ही फ़क़त सहारा है

यूँ तो उस से बिछड़े अब मुद्दतें हुईं लेकिन
दिल अभी भी कहता है वो अभी हमारा है

उस से ही तो चलते हैं कारोबार गुलशन के
वो ही रात-रानी है वो ही गुल-हज़ारा है

जिस तरह तड़प कर ये रो रहा है पागल दिल
देखने से लगता है प्यार का ये मारा है

कीजिए तह-ए-दिल से शुक्रिया मोहब्बत का
आबले हैं पाँव में दिल में अब शरारा है