उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dhaDkanon mein khinchaw dariya ka

धड़कनों में खिंचाव दरिया का

دھڑکنوں میں کھنچاؤ دریا کا

शायर: Paraveen Rai4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

धड़कनों में खिंचाव दरिया का
इश्क़ क्या है बहाव दरिया का

वस्ल जैसे चढ़ाव दरिया का
हिज्र जैसे कटाव दरिया का

आँख जैसे चनाब झेलम हों
होंट जैसे घुमाव दरिया का

डूब जाए न दिल हमारा अब
देख कर के लगाव दरिया का