उर्दू शायरी · ग़ज़ल

KHushi ka nam suna hai magar KHushi kya hai

ख़ुशी का नाम सुना है मगर ख़ुशी क्या है

خوشی کا نام سنا ہے مگر خوشی کیا ہے

शायर: Danish Aligarhi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ख़ुशी का नाम सुना है मगर ख़ुशी क्या है
तिरे बग़ैर जो गुज़रे वो ज़िंदगी क्या है

मुझे भी कुछ तो समझ आए ज़िंदगी क्या है
ख़ुदा करे तू समझ ले कि दोस्ती क्या है

जबीं है नक़्श-ए-कफ़-ए-पा-ए-यार पर वाइज़
अब इस से बढ़ के बता और बंदगी क्या है

ग़म-ओ-ख़ुशी तो बस एहसास की अमानत हैं
जहाँ में वर्ना अलम क्या है और ख़ुशी क्या है

मैं आज तक इसे समझा नहीं हूँ ऐ 'दानिश'
कि दुश्मनी किसे कहते हैं दुश्मनी क्या है