उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ek sitaron bhara aasman ho gae

इक सितारों भरा आसमाँ हो गए

اک ستاروں بھرا آسماں ہو گئے

शायर: Danish Aligarhi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इक सितारों भरा आसमाँ हो गए
अब ख़ुदा की क़सम तुम जवाँ हो गए

मुस्कुराए तो तीरों की बरसात की
और नाराज़ हो कर कमाँ हो गए

यूँ बज़ाहिर तो नज़रों से नज़रें मिलीं
कैसे कैसे मगर इम्तिहाँ हो गए

तुम भी इक वाक़ि'आ हो के रह जाओगे
हम भी भूली हुई दास्ताँ हो गए

आज़माना है क्या कोई तीर-ए-सितम
आज 'दानिश' वो क्यों मेहरबाँ हो गए