उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kho diya hai ek aisa aadmi

खो दिया है एक ऐसा आदमी

کھو دیا ہے ایک ایسا آدمی

शायर: Nadeem Ajmal Adeem9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

खो दिया है एक ऐसा आदमी
सब जिसे कहते थे अच्छा आदमी

अपने हाथों से गँवा कर दोस्तो
ढूँडने निकले हैं अपना आदमी

झड़ गए पत्ते परिंदे उड़ गए
जिस शजर पर मैं ने लिक्खा आदमी

एक ही फ़ित्ना उठाएगा मियाँ
आख़िरी क्या और पहला आदमी

मुस्कुराहट ने तिरी धोका दिया
और हमारे दिल से उतरा आदमी

आ गया है जो मिरी दहलीज़ पर
लग रहा है देखा देखा आदमी

वो ग़मों के वास्ते तिरयाक था
सब जिसे कहते थे कड़वा आदमी

बैन करती फिर रही है ज़िंदगी
आदमी का है सहारा आदमी

क्या 'अदीम' उफ़्ताद सर पर आ पड़ी
घर से ख़ाली हाथ निकला आदमी