उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kal na badla to aaj badlega

कल न बदला तो आज बदलेगा

کل نہ بدلا تو آج بدلے گا

शायर: Faizan Jaffery Al-Khwarzami5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

कल न बदला तो आज बदलेगा
आदमी का मिज़ाज बदलेगा

जान देंगे शरफ़ नहीं देंगे
ऐसा कह कर समाज बदलेगा

नक़्श-ए-पा-ए-हसीन के सदक़े
ज़िंदगी का ख़राज बदलेगा

जब तबीब-ए-नुफ़ूस आएगा
ज़ेहन-ओ-दिल का 'इलाज बदलेगा

चौदह सदियों से चाहे जारी है
एक दिन तो रिवाज बदलेगा