उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kaha jo maine ghalat kar rahi ho chun ke mujhe

कहा जो मैं ने ग़लत कर रही हो चुन के मुझे

کہا جو میں نے غلط کر رہی ہو چن کے مجھے

शायर: Umair Najmi8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

कहा जो मैं ने ग़लत कर रही हो चुन के मुझे
अचानक उस ने कहा चुप ये बात सुन के मुझे

कोई जुनून हवा में उड़ा दे मेरा वुजूद
कोई 'असा हो जो रूई की तरह धुनके मुझे

किसी ने कह के जब इक हाँ बसाया दिल का जहाँ
क़सम ख़ुदा की समझ आए मा'नी कुन के मुझे

उधेड़ दे गर इरादा नहीं पहनने का
ये क्या कि एक तरफ़ रख दिया है बुन के मुझे

तुम्हारे लौटने तक कुछ बुरा न हो गया हो
न पास छोड़ना मुझ ऐसे बद-शगुन के मुझे

शजर से काट लिया है तो अपनी मेज़ बना
अगर नहीं तो फिर आने दे काम घुन के मुझे

कल एक रेल की छुक-छुक से रुक्न याद आए
मफ़ा'इलुन फ़'इलातुन मफ़ा'इलुन के मुझे

फ़क़ीर लोग समझ आएँ या न आएँ 'उमैर'
कोई समझता नहीं है सिवाए उन के मुझे