उर्दू शायरी · ग़ज़ल

jo mil gaya usi ke sath ho gae

जो मिल गया उसी के साथ हो गए

جو مل گیا اسی کے ساتھ ہو گئے

शायर: Vikas Sharma Raaz5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

जो मिल गया उसी के साथ हो गए
सो 'इश्क़ में जुनूँ-सिफ़ात हो गए

नजात मिल गई हिसाब से हमें
तुम्हें घटा के सिफ़्र-ज़ात हो गए

जो चाहते थे वो नवीद मिल गई
मरे हुए थे हम हयात हो गए

वो आसमाँ के ख़्वाब बाँटने लगा
ज़मीं के लोग उस के साथ हो गए

ज़रा से लम्स से धनक बिखर गई
तमाम रंग बे-जिहात हो गए