उर्दू शायरी · ग़ज़ल

jab charaghon ki taraf mail hawa ho jaegi

जब चराग़ों की तरफ़ माइल हवा हो जाएगी

جب چراغوں کی طرف مائل ہوا ہو جائے گی

शायर: Naeem Badayuni5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

जब चराग़ों की तरफ़ माइल हवा हो जाएगी
ज़िंदगी जलते चराग़ों की फ़ना हो जाएगी

ज़िंदगी है मेरी हस्ती से तिरे दम का वुजूद
मैं फ़ना हो जाऊँगा तू भी फ़ना हो जाएगी

मेहरबानी मुझ पे फ़रमा तो रहे हैं सोच लें
आप से क्या मेरे ज़ख़्मों की दवा हो जाएगी

ख़ुद ख़फ़ा हो जाएँगे हम ज़िंदगी से एक दिन
ज़िंदगी क्या दोस्तो हम से ख़फ़ा हो जाएगी

ज़िंदगी में आएगा उस दिन शबाब अपनी 'न'ईम'
मुझ पे जब उन के सितम की इंतिहा हो जाएगी