उर्दू शायरी · ग़ज़ल

jaanti ho ki kya hua hai tumhein

जानती हो कि क्या हुआ है तुम्हें

جانتی ہو کہ کیا ہوا ہے تمہیں

शायर: Paraveen Rai6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

जानती हो कि क्या हुआ है तुम्हें
इश्क़ का रोग लग गया है तुम्हें

बाल बिखरे ये मद-भरी आँखें
कौन सा रंग ये चढ़ा है तुम्हें

ऐ मेरी जान सुन रही हो ना
दिल ये आवाज़ दे रहा है तुम्हें

बोलती क्यों नहीं हो बोलो भी
क्या अचानक से हो गया है तुम्हें

एक तुम हो जो देखती भी नहीं
कोई मुड़-मुड़ के देखता है तुम्हें

तुम को देखें तो देखते जाएँ
देखने का अलग मज़ा है तुम्हें