उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ishq mein paD chuke o pagle dil

'इश्क़ में पड़ चुके ओ पगले दिल

عشق میں پڑ چکے او پگلے دل

शायर: Paraveen Rai5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

'इश्क़ में पड़ चुके ओ पगले दिल
'इश्क़ क्या है कभी ये समझे दिल

उन की गलियों में जा रहा है तो
देख लेना ज़रा सा बच के दिल

उन के नख़रे कमाल नख़रे हैं
उन की मा'सूमियत के सदक़े दिल

धड़कनों में वही समाए हैं
बस उन्हीं के लिए है धड़के दिल

रब्त टूटे तो रब्त टूटे पर
रब्त के साथ अब न टूटे दिल