उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ishq kya husn kya fasana kya

इश्क़ क्या हुस्न क्या फ़साना क्या

عشق کیا حسن کیا فسانا کیا

शायर: Kalim Akhtar3 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इश्क़ क्या हुस्न क्या फ़साना क्या
हम न होंगे तो रंग-ए-दुनिया क्या

साफ़ कुछ भी नज़र नहीं आता
आइना हो गया है धुँदला क्या

आरज़ू ख़्वाब दिल-लगी वा'दा
इन घरोंदों पे कुछ भरोसा क्या