उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil ki angnaiyon mein utra kaun

दिल की अँगनाइयों में उतरा कौन

دل کی انگنائیوں میں اترا کون

शायर: Kalim Akhtar5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल की अँगनाइयों में उतरा कौन
तिश्ना-लब बस्तियों में उतरा कौन

गोशे-गोशे में रौशनी का ज़ुहूर
शब की तारीकियों में उतरा कौन

जज़्बा शादाब आरज़ू रंगीं
दिल की तन्हाइयों में उतरा कौन

शहर की दिलकशी में सब गुम हैं
दश्त की वादियों में उतरा कौन

ऐ सबा अब तो कह दे चुपके से
दिल की गहराइयों में उतरा कौन