उर्दू शायरी · ग़ज़ल

is se pahle ki raegan ho jaun

इस से पहले कि राएगाँ हो जाऊँ

اس سے پہلے کہ رائیگاں ہو جاؤں

शायर: Umair Najmi7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इस से पहले कि राएगाँ हो जाऊँ
लिख रहा हूँ कि कुछ बयाँ हो जाऊँ

उस का हो कर हूँ हद में वर्ना तो मैं
क्या पता है कहाँ-कहाँ हो जाऊँ

तू कहे तो जहाँ हूँ मैं न रहूँ
फिर जहाँ हुक्म दे वहाँ हो जाऊँ

छोड़ दे दोस्त छेड़ मत मुझ को
ज़ख़्म हूँ ये न हो निशाँ हो जाऊँ

देखता हूँ दिल-ओ-दिमाग़ की जंग
सोचता हूँ कि दरमियाँ हो जाऊँ

तेरा होना मिरे यक़ीन से है
और अगर मैं ही बद-गुमाँ हो जाऊँ

इक सिरे पर जुनूँ सुलगता रहे
इक तरफ़ मैं धुआँ-धुआँ हो जाऊँ