उर्दू शायरी · ग़ज़ल

is qadar usko sada di maine

इस क़दर उस को सदा दी मैं ने

اس قدر اس کو صدا دی میں نے

शायर: Vikas Sharma Raaz6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इस क़दर उस को सदा दी मैं ने
अपनी आवाज़ गँवा दी मैं ने

मेरे होने से हुआ उस से वस्ल
अपने होने को दु'आ दी मैं ने

ये जो है शोर तलातुम का है
ये कहाँ ज़र्ब लगा दी मैं ने

अब करामात दिखा फ़स्ल-ए-गुल
अपनी सब ख़ाक उड़ा दी मैं ने

जश्न-ए-गिर्या में गया पहली बार
जाते ही धूम मचा दी मैं ने

दिल यूँ ऊबा कि दुकान-ए-हस्ती
शाम से क़ब्ल बढ़ा दी मैं ने