उर्दू शायरी · ग़ज़ल

is duniya se Darta hun

इस दुनिया से डरता हूँ

اس دنیا سے ڈرتا ہوں

शायर: Umar Farhat6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इस दुनिया से डरता हूँ
या'नी बिल्कुल तन्हा हूँ

बुरी मिसालें देते हो
और कहते हो अच्छा हूँ

तुम्हें गुज़ारा करना है
मैं चाहे अब जैसा हूँ

जैसे हैं आ'माल मिरे
मालिक तेरा बंदा हूँ

क़िस्मत भले से जो भी है
शेर तो अच्छे कहता हूँ

'फ़रहत' और नज़र से देख
नहीं हूँ लेकिन दिखता हूँ