उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ek umr se hum tum aashna hain

इक उम्र से हम तुम आश्ना हैं

اک عمر سے ہم تم آشنا ہیں

शायर: Hafeez Hoshiarpuri5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इक उम्र से हम तुम आश्ना हैं
हम से मह ओ अंजुम आश्ना हैं

दिल डूबता जा रहा है पैहम
लब हैं कि तबस्सुम आश्ना हैं

उन मंज़िलों का सुराग़ कम है
जिन मंज़िलों में गुम आश्ना हैं

कुछ चारा-ए-दर्द-ए-आश्नाई
किस सोच में गुम-सुम आश्ना हैं

इस दौर में तिश्ना-काम साक़ी
हम जैसे कई ख़ुम-आश्ना हैं