उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ek gham ki kahani hai auraq-e-shikasta par

इक ग़म की कहानी है औराक़-ए-शिकस्ता पर

اک غم کی کہانی ہے اوراق شکستہ پر

शायर: Tahir Hanfi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इक ग़म की कहानी है औराक़-ए-शिकस्ता पर
और दिल की ज़बानी है औराक़-ए-शिकस्ता पर

हाल अपना सुनाना है अशआ'र की सूरत में
ये उम्र गँवानी है औराक़-ए-शिकस्ता पर

तहरीर पे धब्बों की सूरत जो मुनक़्क़श है
वो आँखों का पानी है औराक़-ए-शिकस्ता पर

रुकना भी अगर चाहूँ मुझ से न रुका जाए
ये कैसी रवानी है औराक़-ए-शिकस्ता पर

'ताहिर' मिरी आँखों में पोशीदा रही है जो
मूरत वो बनानी है औराक़-ए-शिकस्ता पर