उर्दू शायरी · ग़ज़ल

husn-e-jaanan-e-motabar usko

हुस्न-ए-जानान-ए-मो'तबर उस को

حسن جانان معتبر اس کو

शायर: Nadeem Najid5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हुस्न-ए-जानान-ए-मो'तबर उस को
लग न जाए कहीं नज़र उस को

अश्क पलकों पे ख़ुश्क करता हूँ
भेज कर ख़्वाब-ए-मुख़्तसर उस को

आइने तक ने ली है अंगड़ाई
रू-ब-रू अपने देख कर उस को

पूछिए मुझ से मा'नी-ए-वहशत
मैं ने देखा है नंगे सर उस को

उस के होने से दिल धड़कता है
देख दिल से उतार कर उस को