उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ho rahi hain to yar hone do

हो रही हैं तो यार होने दो

ہو رہی ہیں تو یار ہونے دو

शायर: Lokesh Tripathi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हो रही हैं तो यार होने दो
ख़्वाहिशें बे-शुमार होने दो

'इश्क़ बे-शक न फिर कभी करना
पर अभी एक बार होने दो

चाँद के पार देख लेंगे हम
आँख बस दो से चार होने दो

जब तलक बढ़ न जाए बे-सब्री
तब तलक इंतिज़ार होने दो

उन को भी ए'तिबार है हम पर
हम को ये ए'तिबार होने दो