उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hawa ki nazar se bacha aate aate

हवा की नज़र से बचा आते आते

ہوا کی نظر سے بچا آتے آتے

शायर: Habib.I.Kinkhabwala5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हवा की नज़र से बचा आते आते
कहीं बुझ न जाए दिया आते आते

जहाँ से गुज़रना नहीं था वहीं से
मिला ज़िंदगी का पता आते आते

न मा'लूम ये कितनी मौतें मरी है
तुम्हारे लबों तक दु'आ आते आते

नमाज़ी या काफ़िर कोई तो बता दे
दिखा क्या किसी को ख़ुदा आते आते

तुम्हारे मकाँ से हमारे मकाँ तक
कहाँ पे रुकी है घटा आते आते