उर्दू शायरी · ग़ज़ल

agar tum pe guzari zindagi hai

अगर तुम पे गुज़ारी ज़िंदगी है

اگر تم پہ گزاری زندگی ہے

शायर: Habib.I.Kinkhabwala4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अगर तुम पे गुज़ारी ज़िंदगी है
बहुत अच्छी हमारी ज़िंदगी है

रही वो मौत के मंदिर की देवी
जहाँ ठहरी पुजारी ज़िंदगी है

सितारा गिर गया चमके बिना ही
लगा छत से उतारी ज़िंदगी है

कहीं बैठी सुहागन के है जैसी
कहीं बैठी कुँवारी ज़िंदगी है