उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hawa ke sath yari ho gai hai

हवा के साथ यारी हो गई है

ہوا کے ساتھ یاری ہو گئی ہے

शायर: Vikas Sharma Raaz5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

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हवा के साथ यारी हो गई है
दिये की उम्र लम्बी हो गई है

फ़क़त ज़ंजीर बदली जा रही थी
मैं समझा था रिहाई हो गई है

बची है जो धनक उस का करूँ क्या
तिरी तस्वीर पूरी हो गई है

हमारे दरमियाँ जो उठ रही थी
वो इक दीवार पूरी हो गई है

क़रीब आ तो गया है चाँद मेरे
मगर हर चीज़ धुँदली हो गई है