उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hamin ne unki taraf se mana liya dil ko

हमीं ने उन की तरफ़ से मना लिया दिल को

ہمیں نے ان کی طرف سے منا لیا دل کو (ردیف .. ا)

शायर: Aal-e-Raza Raza4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हमीं ने उन की तरफ़ से मना लिया दिल को
वो करते 'उज़्र तो ये और भी गराँ होता

समझ तो ये कि न समझे ख़ुद अपना रंग-ए-जुनूँ
मिज़ाज ये कि ज़माना मिज़ाज-दाँ होता

भरी बहार के दिन हैं ख़याल आ ही गया
उजड़ न जाता तो फूलों में आशियाँ होता

दिमाग़ 'अर्श पे है तेरे दर की ठोकर से
नसीब होता जो सज्दा तो मैं कहाँ होता