उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hum jo sare jahan wale hain

हम जो सारे जहान वाले हैं

ہم جو سارے جہان والے ہیں

शायर: Gauhar Shaikh Purwi11 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हम जो सारे जहान वाले हैं
गुम-शुदा दास्तान वाले हैं

क्यों न बरसात में हों खौफ़ज़दा
वो जो कच्चे मकान वाले हैं

हम ग़रीबों से क्यों नहीं मिलते
क्या वो ऊँची उड़ान वाले हैं

टूटी क़ब्रों से आ रही है सदा
बे-निशाँ भी निशान वाले हैं

हम को शोकेस में सजा लेंगे
जब वो ऊँची दूकान वाले हैं

राह में वो भटक नहीं सकते
जो बड़ी आन बान वाले हैं

मौत से भी कहीं नहीं डरते
हम बड़ी सख़्त जान वाले हैं

बंद कमरे में रह नहीं सकते
हम खुले साएबान वाले हैं

ऊँचे महलों पे नाज़ क्यों है तुम्हें
हम भी तो आसमान वाले हैं

सोच कर कोई गुफ़्तुगू कीजिए
दर-ओ-दीवार कान वाले हैं

प्यार शेवा हमारा है 'गौहर'
हम भी हिन्दोस्तान वाले हैं