उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hairan hun main dekh ke parwardigar kyon

हैरान हूँ मैं देख के परवरदिगार क्यों

حیران ہوں میں دیکھ کے پروردگار کیوں

शायर: Aafreen Faheem Aafi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हैरान हूँ मैं देख के परवरदिगार क्यों
ख़ूँ रो रहा है आज दिल-ए-दाग़-दार क्यों

आओ यहाँ पे बैठो मुझे ये जवाब दो
तब्दील हो गया है 'अदावत में प्यार क्यों

तेरी तरह करेगी मुझे ये भी मुंहदिम
तड़पा रही है याद तिरी बार-बार क्यों

वा'दा किया था फिर भी न आए न आएँगे
ऐ ख़्वाब-ख़्वाब चश्म 'अबस इंतिज़ार क्यों

'आफ़ी' जब उन से कोई त'अल्लुक़ नहीं रहा
होता है उन के नाम पे दिल बे-क़रार क्यों