उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil mein aaseb-e-tamanna ko chhupane wale

दिल में आसेब-ए-तमन्ना को छुपाने वाले

دل میں آسیب تمنا کو چھپانے والے

शायर: Aafreen Faheem Aafi9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल में आसेब-ए-तमन्ना को छुपाने वाले
साथ में रो ले कभी मुझ को रुलाने वाले

लाख ता'वीज़ बंधे ख़ूब दु'आएँ माँगीं
मगर आए ही नहीं लौट के आने वाले

क्या गुज़रती है मिरे दिल पे जुदाई में तिरी
तुझ को एहसास भी है छोड़ के जाने वाले

याद आते हैं तो आते ही चले जाते हैं
दिल से जाते ही नहीं दिल को दुखाने वाले

'उम्र भर ढूँडते फिरते रहे क़दमों के निशाँ
मेरे क़दमों से क़दम अपने मिलाने वाले

ज़िंदगी तू ने हमें चैन से जीने न दिया
अब नहीं हम भी तिरे नाज़ उठाने वाले

मेरी तक़दीर फ़क़त तू ही बदल सकता है
मेरी तक़दीर बदल दुनिया बनाने वाले

देखो किस तरह बदल जाएगा ये वक़्त का खेल
ख़ुद भी गिर जाएँगे औरों को गिराने वाले

डूबना इन का मुक़द्दर था सो डूबे वर्ना
तैर भी सकते थे ये कश्ती बनाने वाले