उर्दू शायरी · ग़ज़ल

haal kya hoga munafiq se mohabbat kar ke

हाल क्या होगा मुनाफ़िक़ से मोहब्बत कर के

حال کیا ہوگا منافق سے محبت کر کے

शायर: Elma Hashmi4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हाल क्या होगा मुनाफ़िक़ से मोहब्बत कर के
हम भी देखेंगे ज़रा अब के सियासत कर के

इस लिए कहते हो दुनिया में वफ़ादार नहीं
तुम ने देखा ही नहीं हम से मोहब्बत कर के

कितने शहरों में बता हुक्म चलाया तू ने
कुछ मिला तुझ को मिरी जान बग़ावत कर के

मेरी सुनता ही नहीं इक भी परेशानी वो
मैं ने देखा है कई बार शिकायत कर के